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Share Market Today: हरे निशान पर खुले सेंसेक्स-निफ्टी, रुपया 15 पैसे मजबूत, आईटी शेयरों में जोरदार तेजी

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Alam Ki Khabar: भारतीय शेयर बाजार ने आज मजबूत शुरुआत की। सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान पर खुले, रुपया डॉलर के मुकाबले 15 पैसे मजबूत हुआ। आईटी शेयरों में खरीदारी, एफपीआई की वापसी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सहारा।

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत सकारात्मक माहौल के साथ हुई। सप्ताह के शुरुआती उत्साह को आगे बढ़ाते हुए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी 15 पैसे मजबूत हुआ, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी निवेशकों की वापसी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारतीय बाजार के लिए राहत भरी खबर है।

कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 61.39 अंकों की बढ़त के साथ 78,346.46 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 25.65 अंकों की तेजी के साथ 24,456.00 पर खुला। शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक खरीदारी आईटी सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर बना रहा। इसके अलावा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस, रियल्टी और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।

हालांकि बाजार के सभी सेक्टरों में तेजी नहीं रही। मेटल, डिफेंस, मीडिया, मैन्युफैक्चरिंग, पीएसई और कमोडिटी सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में कारोबार लगभग सपाट रहा, जिससे संकेत मिला कि निवेशक फिलहाल बड़ी कंपनियों के शेयरों पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं।

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में इन्फोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाइटन, एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। दूसरी ओर ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एलएंडटी, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा के शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों का असर भी भारतीय शेयर बाजार पर दिखाई दिया। एशिया के अधिकांश बाजारों में कमजोरी का माहौल रहा। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक और सोल के बाजार लाल निशान में कारोबार करते दिखे, जबकि जकार्ता का बाजार बढ़त के साथ कारोबार करता रहा। दूसरी ओर अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए थे। डॉव जोंस और नैस्डैक दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज होने से वैश्विक निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ सप्ताह से भारतीय बाजार पर दबाव बनाने वाले दो बड़े कारण अब कमजोर पड़ते दिखाई दे रहे हैं। पहला, कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट और दूसरा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का दोबारा भारतीय बाजार में निवेश करना। यही वजह है कि बाजार का माहौल पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक नजर आ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एफपीआई की खरीदारी का सिलसिला जारी रहता है और वैश्विक परिस्थितियां सामान्य बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है।

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में 243.03 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 3,791.42 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी कर बाजार को अतिरिक्त सहारा दिया। घरेलू निवेशकों की लगातार खरीदारी भारतीय बाजार की मजबूती का बड़ा आधार मानी जा रही है।

कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत लेकर आई है। तेल सस्ता होने से आयात बिल कम होने की उम्मीद है, जिससे महंगाई पर भी नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है। इसका फायदा बैंकिंग, ऑटो, एविएशन और कई अन्य उद्योगों को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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संपादकीय: भारतीय शेयर बाजार की मौजूदा तेजी केवल एक दिन की तेजी नहीं बल्कि निवेशकों के बदलते विश्वास का संकेत भी हो सकती है। विदेशी निवेशकों की वापसी, घरेलू संस्थागत निवेशकों की मजबूत खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर नजर बनाए रखना अभी भी जरूरी होगा। निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।

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